माँ कहती है सुन मेरी रानी
तुझे सुनाऊँ नई कहानी
जो कहती थी दादी नानी
वो तो अब हो चलीं पुरानी।
न तो तू कोई राज कुमारी
न परियों की तू शहज़ादी
तू वो हिस्सा है दुनिया का
जो लगभग आधी आबादी।
नहीं ज़रूरत तुझे भीख की,
छीन के ले अपनी आज़ादी।
जी ले खुल के तू मस्तानी...माँ कहती है...
मैंने तुझे कोख में पाला
ये कोई अहसान नहीं है।
तू मेरी औलाद हमेशा,
तू कोई सामान नहीं है।
तेरा मालिक परमेश्वर है,
और कोई इंसान नहीं थहै
जा छू ले आसमां दीवानी... माँ कहती है...
© Anupama2018
I'd love to hear what does / did your mother tell you?
तुझे सुनाऊँ नई कहानी
जो कहती थी दादी नानी
वो तो अब हो चलीं पुरानी।
न तो तू कोई राज कुमारी
न परियों की तू शहज़ादी
तू वो हिस्सा है दुनिया का
जो लगभग आधी आबादी।
नहीं ज़रूरत तुझे भीख की,
छीन के ले अपनी आज़ादी।
जी ले खुल के तू मस्तानी...माँ कहती है...
मैंने तुझे कोख में पाला
ये कोई अहसान नहीं है।
तू मेरी औलाद हमेशा,
तू कोई सामान नहीं है।
तेरा मालिक परमेश्वर है,
और कोई इंसान नहीं थहै
जा छू ले आसमां दीवानी... माँ कहती है...
© Anupama2018
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